Sunday, August 20, 2017

तो 2019 में मोदी का विजय रथ रोकने की राहुल गांधी कर रहे हैं तैयारी...

नई दिल्ली।  कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने 2019 लोकसभा चुनाव को देखते हुए संघ पर अपने हमले को और तेज कर सकते हैं। खबरों के मुताबिक पीएम मोदी को मिल रहे जनाधार के आगे राहुल गांधी ने संघ पर अपना फोकस शिफ्ट कर लिया है। आलोचकों ने अक्सर राहुल गांधी को ‘अनिच्छुक राजकुमार’ के रूप में वर्णित किया है जो लंबे समय से नंबर दो रहते हुए सत्ता तो चलाते हैं, लेकिन जिम्मेदारी लेने से दूर भागते हैं।

लेकिन अमेठी से सांसद राहुल गांधी ने इस हफ्ते संघ पर सबसे तेज हमला किया। राहुल गांधी ने ये हमला जेडीयू के बागी नेता शरद यादव के ‘साझी विरासत को बचाओ’ कार्यक्रम में किया। यहां राहुल ने कहा कि आरएसएस जानता है कि उनकी विचारधारा इस देश में चुनाव नहीं जीत सकती, इसलिए उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं में अपने लोग बैठाने शुरू कर दिए।

आरएसएस जानता है कि जिस दिन उनके लोग न्यायपालिका, नौकरशाही, सेना, मीडिया में बैठ जाएंगे, उस दिन यह देश उनका होगा। राहुल गांधी ने संघ पर वार करते हुए कहा कि इन लोगों ने तिरंगे को सलाम करना भी सत्ता में आने के बाद सीखा। जब तक इस देश में ‘वन मैन वन वोट रहेगा’ ये देश उनका हो नहीं सकता।

राहुल यह सब ऐसे समय में बोल रहे हैं, जब कांग्रेस पार्टी एक के बाद एक चुनाव हार रही है। राहुल गांधी ने संघ के देश को देखने के नजरिए पर भी सवाल किया था और कहा था कि देश को देखने को दो तरीके होते हैं, ये देश मेरा है, एक कहता है कि मैं इस देश का हूं, ये हम में और आरएसएस में अंतर है।

Saturday, August 19, 2017

अपना नंबर दिखाए बिना इस ट्रिक से चलाएं वॉट्सएप...

इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सएप काफी पॉपुलर ऐप है और सभी स्मार्टफोन यूजर इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इस ऐप के जरिए अगर आप किसी को मैसेज भेजते हैं या कॉल करते हैं, तो उसके पास आपका नंबर पहुंच जाता है। हालांकि एक ट्रिक के जरिए आप अपना ओरिजनल नंबर दिखाए बिना वॉट्सएप यूज कर सकते हैं। इस ट्रिक में आपको दूसरा नंबर मिल जाएगा, जो मोबाइल नंबर की तरह ही होगा।

इस ट्रिक की मदद से आप चैटिंग, कॉलिंग से लेकर वीडियो कॉलिंग तक कर सकेंगे। यहां हम आपको उस ट्रिक के बारे में बता रहे हैं।

पढ़ें- FACEBOOK पर हैकर्स भेज रहे हैं ये लिंक, गलती से भी न करें क्लिक

अगर आप इस ट्रिक को यूज करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको सबसे पहले गूगल प्लेस्टोर से Primo ऐप डाउनलोड करना होगा। बता दें कि ये एक फ्री ऐप है और सिर्फ एंड्रॉइड यूजर्स के लिए है।
ऐप इंस्टॉल करने के बाद अपना अकाउंट बनाना होता है। अकाउंट बनाने के लिए साइन अप पर टैब करें औऱ अपना मोबाइल नंबर डालें। अब आपके मोबाइल पर 6 डिजिट का एक ओटीपी आएगा, उसे एंटर करें।
अब ओपन हुए पेज में नाम और ईमेल आईडी डालकर साइनअप करें। इस आईडी पर आपके पास वेरिफिकेशन मेल आएगा, उस पर क्लिक करें।
अब प्रोफाइल में जाकर promo your Us number पर टैब करें। अब आपको एक नंबर नजर आएगा। यहां पर Free Trial ऑप्शन पर क्लिक करें। अब आपको मोबाइल नंबर के जैसा ही एक नंबर मिल गया है। उस नंबर को कॉपी कर लें।
अब वॉट्सएप इंस्टॉल करें और वही नंबर पेस्ट कर दें। अब वॉट्सएप इस नंबर को वेरिफाई करेगा।
यहां नंबर वेरिफिकेशन के लिए कॉल मी ऑप्शन सिलेक्ट करें। अब वॉट्सएप से आपको कॉल आएगा। इसमें आपको वेरिफिकेशन कोड बताया जाएगा। यहां इस को डाल दें। इसके बाद आपका वॉट्सएप ओपन हो जाएगा। यहां आपका वही नंबर नजर आएगा, जिसे आपने कॉपी करके यहां पेस्ट किया था।

Friday, August 18, 2017

ब्र‍िटिश अखबार का दावा- मोदी सरकार मे ..अडानी समूह की कंपनी ने की 1500 करोड़ की हेराफेरी और टैक्‍स चोरी

मोदी सरकार में सबसे बड़ा घोटाला  सामने आया ...

ब्रिटिश अखबार द गॉर्डियन को मिले दस्तावेज के अनुसार भारतीय कस्टम विभाग के डॉयरेक्टरेट ऑफ रेवन्यू इंटलीजेंस (डीआरआई) ने मशहूर कारोबारी घराने अडानी समूह पर फर्जी बिल बनाकर करीब 1500 करोड़ रुपये टैक्स हैवेन (टैक्स चोरों के स्वर्ग) देश में भेजने का आरोप लगाया है। गॉर्डियन के पास मौजूद डीआरआई के दस्तावेज के अनुसार अडानी समूह ने महाराष्ट्र की एक बिजली परियोजना के लिए शून्य या बहुत कम ड्यूटी वाले सामानों का निर्यात किया और उनका दाम वास्तविक मूल्य से कई गुना बढ़ाकर दिखाया ताकि बैंकों से कर्ज में लिया गया पैसा विदेश भेजा सके।

रिपोर्ट के अनुसार अडानी समूह ने दुबई की एक जाली कंपनी के माध्यम से अरबों रुपये का सामान महाराष्ट्र की एक बिजली परियोजना के लिए मंगाया और बाद में कंपनी ने वही सामान अडानी समूह को कई गुना ज्यादा कीमत पर बेच दिया। रिपोर्ट के अनुसार अडानी समूह ने इन सामान की कीमत बिल में औसतन चार गुना ज्यादा दिखायी। डीआरआई ने ये रिपोर्ट साल 2014 में तैयार की थी। गॉर्डियन के अनुसार डीआरआई की 97 पन्नों की ये कथित रिपोर्ट स्क्राइब डॉट कॉम पर उपलब्ध हैं। हालांकि जनसत्ता डॉट कॉम डीआरआई के दस्तावेज या गॉर्डियन की रिपोर्ट की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सका है। रिपोर्ट के अनुसार अडानी समूह ने दक्षिण कोरिया और दुबई की कंपनियों के माध्यम से मारीशस स्थित एक ट्रस्ट को पैसा पहुंचाया जिस पर अडानी समूह के सीईओ गौतम अडानी के बड़े भाई विनोद अडानी का नियंत्रण है।

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रिपोर्ट के अनुसार अडानी समूह ने जो पैसा विदेश भेजा है उसका बड़ा हिस्सा भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक से लोन (कर्ज) के तौर पर लिया गया था। डीआरआई ने दोनों बैंकों पर किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि का आरोप नहीं लगाया है। हालांकि अडानी समूह ने द गॉर्डियन को भेजे एक बयान में इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। कंपनी के बयान में कहा गया है कि अडानी समूह को डीआरआई द्वारा चल रही जांच के बारे में पूरी मालूमात है और वो जांच में पूरा सहयोग कर रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार अडानी समूह के खिलाफ बिजली परियोजना के लिए आयात किए गए सामान का कीमत कई गुना बढ़ाकर बताने की रिपोर्ट ईपीडब्ल्यू पत्रिका के 14 मई 2016 अंक में परंजय गुहा ठाकुरता ने की थी। परंजय गुहा ठाकुरता हाल ही में तब चर्चा में आए थे जब अडानी समूह ने ईपीडब्ल्यू की दो रिपोर्ट के खिलाफ पत्रिका को कानूनी नोटिस भेजा था। अडानी समूह ने पत्रिका को भेजे नोटिस में कहा था कि अगर ये रिपोर्ट नहीं हटाए गईं तो मानहानि का मुकदमा करेगा। पत्रिका ने नोटिस के बाद रिपोर्ट हट ली और ठाकुरता ने पत्रिका के संपादक पद से इस्तीफा दिया।

Thursday, August 17, 2017

अखिलेश यादव को किया पुलिस ने गिरफ्तार....

उन्नाव:  उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को औरैया जाते समय उन्नाव के थाना नबाबगंज में पुलिस ने हिरासत में ले लिया. अखिलेश कल हुई घटना को लेकर औरैया में पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलना था.

कानपुर-लखनऊ हाईवे पर नवाबगंज टोल प्लाजा और जाजमऊ में पुलिस के तगड़े बंदोबस्त के बीच औरैया जाने को निकले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का काफिला ऐनवक्त पर एक्सप्रेस वे की ओर हो लिया। इसकी जानकारी होते ही पुलिस फोर्स एक्सप्रेस वे की ओर दौड़ी और हसनगंज टोल प्लाजा के पास नाकाबंदी कर दी। सैकड़ों गाडिय़ों का काफिला पहुंचते ही उसमें शामिल पार्टी के कार्यकर्ता और नेता पुलिस के बंदोबस्त तोड़ आगे बढ़े। चेतावनी के बाद भी सपाइयों पर असर नहीं हुआ तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर सपाइयों को खदेडऩे के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अपने घेरे में ले लिया। नेताओं की तनातनी के बीच पुलिस ने हिरासत में लेने का एलान करके नेताओं को घेर लिया।

औरैया में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस कर्मियों में झडप हो गई थी. झडप सपा सांसद प्रदीप यादव की गिरफ्तारी के बाद हुई. सीएम अखिलेश उसी घटना को लेकर प्रदीप यादव से मिलने जा रहा थे. घटना और उग्र रूप धारण न करे इसलिए प्रसाशन ने उन्हें वहां जाने की अनुमति नहीं दे रहा है.

अखिलेश यादव को पुलिस गिरफ्तार करके नवाबगंज गेस्ट हाउस लेकर चली गई. उधर प्रसाशन ने हरदोई समेत कई जिलों के नेता भी कन्नौज में घुसने से पहले गिरफ्तार कर लिया गया. अभी अखिलेश को कब तक बिठाया जाएगा यह पता नहीं है.

Tuesday, August 15, 2017

इस कारण 2019 में पीएम मोदी से छिन सकती है दिल्ली की राजगद्दी?...

नई दिल्ली।     वैसे तो आज की तारीख में भारतीय राजनीति में पीएम मोदी को चुनौती देने वाला कोई राजनेता दिखाई नहीं दे रहा है। यहीं नहीं कई सर्वे टीमें भी इस बात का दावा कर रही है कि पीएम मोदी ही 2019 में दोबारा सरकार बनाएंगे।

पीएम मोदी एक पॉपुलर नेता हैं, उन्हें जनता का विश्वास हासिल है। नोटबंदी के माध्यम से देश को भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने का जनता में विश्वास और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे सा​हसिक कदम से भारतवासियों का सिर गर्व उंचा करने वाला पीएम नि:संदेह इस समय अपराजेय दिखाई दे रहा है।
लेकिन मोदी सरकार का आधे से अधिक कार्यकाल बीत जाने के बावजूद कुछ ऐसे कारण बनते दिखाई दे रहे हैं जो पीएम मोदी को दिल्ली के सिंहासन से दूर कर सकते हैं।

Arvind-Subramanian

आपको जानकारी के लिए बतादें कि पीएम मोदी के आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन ने दावा किया है कि कुछ ऐसे कारण हैं जिससे 2019 में मोदी सरकार से दिल्ली की राजगद्दी छिन सकती है। सुब्रमण्यन ने आर्थिक सर्वेक्षण 2016-17 में रोजगार में प्रबल अभाव को मोदी के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना है।

गौरतलब है कि आर्थिक सर्वेक्षण 2016-17 को लेकर रोजगार एवं बेरोजगारी अभाव को लेकर पिछले लंबे समय से बहस चल रही है। बेरोजगारी की समस्या को लेकर मोदी सरकार को सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। जो भी आर्थिक सर्वे सामने आए हैं उसमें पीएम मोदी के कार्यकाल में रोजगार की स्थिति कुछ भी ठीक नहीं है।

Unemployed crowd

सर्वे में ये बात भी प्रमाणित हुई है कि युवाओं के हिसाब से बाजार में उपलब्ध नौकरी के बीच खाई काफी बढ़ गई है। हांलाकि इसके पीछे देश की बढ़ती जनसंख्या भी उत्तरदायी है। रोजगार आंकड़ों की सटीक जानकारी के अभाव में पीएम मोदी सरकार अबतक कोई भी ठोस और साकारात्मक कदम नहीं उठा पाई है।

आज जिस तरीके से देश के युवा बेराजगारी की विकट समस्या का सामना कर रहे हैं, ऐसे में पीएम मोदी का एक बड़ा वोट बैंक उनके हाथों से फिसल सकता है। आपको याद दिलादें कि पीएम मोदी ने अपने चुनावी वादे में युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देने का वादा किया था।