Friday, September 1, 2017

मनमोहन ने जो कहा साबित हुआ, क्या कहते हैं - GDP आंकड़े

अर्थव्यवस्था पर लगातार बड़े-बड़े दावे कर रही केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की कलई जीडीपी के आंकड़ों ने पूरी तरह से खोलकर रख दी है. नोटबंदी और जीएसटी लागू होने से देश की जीडीपी में बड़ा गोता लगा है, तो सरकार का कहना है कि नोटबंदी का इससे कोई लेना-देना नहीं है. अगर थोड़ा पीछे जाकर देखें, तो नोटबंदी लागू होने के बाद जब संसद में इस पर बहस हो रही थी तब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सरकार पर इसको लेकर चेताया था. लगता है मनमोहन की चेतावनी सच साबित हो रही है..
राज्यसभा में क्या बोले थे मनमोहन?

नोटबंदी पर चर्चा के दौरान नंवबर 2016 में राज्यसभा में मनमोहन सिंह ने साफ कहा था कि नोटबंदी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है. इससे अर्थव्यवस्था कमजोर हो सकती है, वहीं जीडीपी में 2 फीसदी की गिरावट आ सकती है. पूर्व पीएम ने सीधा वार करते हुए कहा था कि मैं पीएम मोदी से पूछना चाहता हूं कि वह किसी ऐसे देश का नाम बताएं, जहां लोगों ने बैंक में अपने पैसा जमा कराए हैं लेकिन वे उसे निकाल नहीं सकते.

रोज बदलते नियम आपकी विफलता!

मनमोहन सिंह ने राज्यसभा में कहा था कि करेंसी सिस्टम में लोगों का भरोसा कम हुआ है, किसानों और छोटे उद्योगपतियों को भी बड़ा नुकसान हुआ है. सरकार हर दिन नए नियम बना रही है, जो कि साफ दर्शाता है कि PMO इस फैसले को लागू करवाने में असफल रहा. पीएम ने इसके लिए 50 दिन मांगे हैं, लेकिन गरीब व्यक्ति के लिए 50 दिन दर्द झेलना आसान नहीं है.

नोटबंदी: मनमोहन राज्यसभा में बोलते रहे, PM मोदी सुनते रहे, किए ये 12 बड़े वार
सच हुई मनमोहन सिंह की बात!
चालू वित्त वर्ष की जून में खत्म हुई तिमाही के दौरान देश की जीडीपी की वृद्धि दर में गिरावट दर्ज की गई है. जीडीपी का आंकड़ा गिरकर 5.7 फीसद पर आ गया है. वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही के दौरान जीडीपी की रफ्तार 7.9 फीसदी थी. यानी नोटबंदी के बाद से लगातार जीडीपी में गिरावट आई है. एक साल में जीडीपी 7.9 से गिरकर 5.7 फीसद पर आ पहुंची है.

इन 4 प्वाइंट में समझिए GDP में आई गिरावट का नोटबंदी कनेक्शन!

मोदी ने दिया था ये जवाब

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मनमोहन सिंह के सवालों का जवाब भी दिया था. मोदी ने वार करते हुए कहा था कि मनमोहन सिंह जी पूर्व पीएम हैं, आदरणीय हैं. पिछले 30-35 साल से भारत के आर्थिक फैसलों के साथ उनका सीधा संबंध रहा है. आधा समय उनका ही दबदबा था, ऐसा देश में कोई नहीं रहा होगा. लेकिन हम राजनेता मनमोहन सिंह से सीख सकते हैं. मनमोहन पर कभी कोई दाग नहीं लगा. बाथरूम में रेनकोट पहन कर नहाना ये कला मनमोहन जी के अलावा कोई नहीं जानता.

बता दें कि केंद्र सरकार ने पुराने कर ढांचे को खत्म कर 1 जुलाई से जीएसटी लागू किया है. आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि नए कर ढांचे और जीएसटी के प्रभावों की वजह से ही जीडीपी में लगातार गिरावट आ रही है.

एक ब्राहमण के चक्कर में भाजपा ने केशव मौर्य को दिखाया बाहर का रास्ता, छीन ली कुर्सी..

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भाजपा का लंबे समय से चला सुखा खत्म हुआ था। इसमें पिछड़ा वर्ग के वोटों को साधने के कारण भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के बाद डिप्टी सीएम बनाया था। जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष का पद खाली हो गया लेकिन अब यह तलाश अब ख़त्म हो गई है। भाजपा ने उत्तर प्रदेश में महेंद्र नाथ पाण्डेय को पार्टी अध्यक्ष बनाया है।

भाजपा 2014 चुनावों की जीत को भाजपा फिर से 2019 में दोहराना चाहती है। इसके लिए उसने ब्राह्मण कार्ड खेला है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद के लिए महेंद्र नाथ पाण्डेय और संजीव बालियान का नाम चर्चा में थे। इन्हीं में से एक नेता यूपी प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा था।
बता दें बीते चुनाव में भाजपा को यूपी से 80 में से 73 सीटें मिली थी। अमित शाह इस बार ये आँकड़ा बढ़ाना चाहते हैं जिसके लिए वे पहले ही नेताओं को बोल चुके हैं।

कुछ दिनों पहले तक ये भी खबर थी कि स्वतंत्र देव सिंह को मंत्री पद से हटाकर उत्तर प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता हैं।

Monday, August 28, 2017

अगर हो गया है आपका फेसबुक अकाउंट हैक, तो अपनाएं ये टिप्स और ट्रिक्स..

सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक इस वक्त दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। इतना ही नहीं अगर किसी वीडियो और फोटो को वायरल करना हो तो यह प्लेटफॉर्म सबसे बेहतर माना जाता है। हालांकि कुछ दिनों से इस नेटवर्किंग साइट पर लोगों के अकाउंट हैक होने जैसे मामले सामने आ रहे हैं जिसके चलते यूजर्स को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
कैसे फेसबुक यूजर्स कुछ टिप्स और ट्रिक्स से जरिए फेसबुक अकाउंट हैक होने जैसी समस्या से निजात पा सकते हैं।

1. अगर आपका फेसबुक अकाउंट किसी ने हैक कर लिया है और वह आपके अकाउंट से कुछ ऐसे स्टेटस पोस्ट कर रहा है जो आपने नहीं किए, तो उसके लिए आपको सबसे पहले फेसबुक को बताना होगा कि आपका अकाउंट हैक हो गया है। इसके लिए आपको https://www.facebook.com/hacked पर जाना होगा।

2. लिंक ओपन करने के बाद 'रिपोर्ट कॉम्प्रोमाइज्ड अकाउंट' की इंफोर्मेशन आएगी जिसके बाद आपको 'माई अकाउंट इज कॉम्प्रोमाइज्ड' पर क्लिक करना होगा।

3. 'माई अकाउंट इज कॉम्प्रोमाइज्ड' पर क्लिक करने के बाद नया पेज ओपन होगा जिसमें आपको अपने पुराना पासवर्ड वाला यूजरनेम, ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर में से कोई एक डालना होगा जो हैक हुआ है। फिर आपसे पुराना या नया पासवर्ड पूछा जाएगा जिसमें आपको दोनों में से कोई भी टाइप करके एंटर करना होगा। फिर आपसे नया पारवर्ड पूछा जाएगा और आपका अकाउंट खुल जाएगा।

4. कई बार ऐसा हो जाता है कि हैक करने वाला आपका यूजरनेम या फिर ई-मेल आईडी बदल देता है तो इसके लिए आपको मोबाइल नंबर दर्ज कराने और ई-मेल आईडी टाइप करने की बजाए रीसेट लिंक पर क्लिक करें और नया पासवर्ड डाल कर अपना पुराना अकाउंट फिर से चालू करें।

5. अगर आपको लगता है कि आपका अकाउंट हैक हो चुका है और पासवर्ड भी चेंज नहीं हुआ है तो इसके लिए आप भी यही प्रोसेस अपना सकते हैं जिसमें नया पासवर्ड ही डालना होगा। अकाउंट खुलने के बाद फेसबुक द्वारा आपसे पूछा जाएगा कि किस तरह की समस्याएं आ रही हैं जिसमें आपको सेलेक्ट करके सब्मिट करना होगा और फिर आपका अकाउंट सिक्योर हो जाएगा।

Sunday, August 27, 2017

आखिर कहां गया कालाधन? 1000 के 99% नोट RBI के पास आए वापस!

नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद देश का हर शख्स चाहे वह एक आदमी हो, कोई राजनीतिक पार्टी हो या फिर सुप्रीम कोर्ट ही क्यों न हो, सभी को इस बात का इंतजार था कि आखिर नोटबंदी से कितने पुराने नोट बैंक में वापस आए। अब इंतजार कर रहे लोगों के लिए थोड़ी राहत भरी खबर आई है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी वेबसाइट पर आंकड़ा देते हुए बताया है कि लगभग 99 फीसदी 1000 रुपए के नोट बैंकिंग सिस्टम में वापस आ चुके हैं।
आंकड़ों के अनुसार मार्च 2017 तक 8,925 करोड़ रुपए के 1000 के नोट सर्कुलेशन में थे। भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक सर्कुलेशन वाले नोट वह हैं, जो भारतीय रिजर्व बैंक से बाहर हैं।
3 फरवरी को वित्त राज्य मंत्री संतोष अग्रवाल द्वारा दिए गए बयान के मुताबिक 8 नवंबर को 6.86 करोड़ रुपए से अधिक के 1000 रुपए के नोट सर्कुलेशन में थे। इस तरह मार्च 2017 तक सर्कुलेशन वाले 1000 रुपए के नोट कुल नोटों का 1.3 फीसदी थे।

ऐसे में यह साफ है कि 98.7 फीसदी 1000 रुपए के नोट भारतीय रिजर्व बैंक में वापस लौट चुके हैं। आपको बता दें कि नोटबंदी के समय 15.4 लाख करोड़ रुपए की करंसी चलन से बाहर की गई थी, जिसमें 44 फीसदी 1000 रुपए के नोट थे और 56 फीसदी 500 रुपए के नोट थे। माना जा रहा है कि जिस तरह 1000 के करीब 99 फीसदी नोट वापस आ चुके हैं, वैसे ही 500 रुपए के नोट भी वापस आए होंगे।

अब सवाल यही उठता है कि जब लगभग सारे नोट वापस ही आ गए, तो कालाधन कहां गया?

Saturday, August 26, 2017

जेल जाते-जाते मोदी-शाह की सियासी जमीन हिला गए राम रहीम, अब जाटों की शरण में जाएगी बीजेपी..

नई दिल्ली। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को रेप केस में दोषी करार दिए जाने के बाद बीजेपी की मुश्किल बढ़ गई है। राम रहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद भड़की हिंसा के बाद हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर को हटाए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी खट्टर को हटाने के पक्ष में नहीं हैं तो कुछ खबरों में खट्टर को हटाकर सुषमा स्वराज को हरियाणा की कमान सौंपे जाने की बात कही जा रही है। लेकिन यहां बड़ा सवाल यह है कि खट्टर को हटाया जाए या नहीं? खट्टर हरियाणा के सीएम रहेंगे या कोई और मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा। डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद बीजेपी के सामने जो राजनीतिक संकट खड़ा हुआ, वह सीएम कैंडिडेट के सवाल से कहीं ज्यादा बड़ा है।
हरियाणा में 2014 के विधानसभा चुनाव में आईएनएलडी को जाट मतदाताओं के 44 फीसदी वोट मिले, जबकि कांग्रेस ने 24 फीसदी जाट वोट हासिल किए। बीजेपी को केवल 17 प्रतिशत जाट वोट मिले थे। इसके बाद भी बीजेपी सरकार बनाने में कामयाब रही थी। सीएसडीएस के सर्वे के मुताबिक, बीजेपी को सबसे बड़ा फायदा जाट बंटने से हुआ। बीजेपी को ब्राह्मण मतदाताओं के 47 फीसदी, पंजाबी खत्री वर्ग का 63 फीसदी और दूसरी अगड़ी जातियों के 49 फीसदी वोट मिले। इन समीकरणों के चलते बीजेपी ने बिना जाट वोट हासिल किए पहली बार हरियाणा में सरकार बनाई और गैर जाट सीएम को सूबे की कमान सौंपी।

हरियाणा में पहली बार कमल खिलाने वाले डेरा समर्थक इस समय बीजेपी के सबसे बड़े दुश्मन बन गए हैं। ऐसे में बीजेपी जाट वोटरों को लुभाने का प्रयास कर सकती है। कुछ दिनों पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जाट वोटरों पर पकड़ रखने वाले भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ बीजेपी नेताओं की बात हुई थी। पार्टी अब जाट वोटरों पर फोकस कर सकती है। अब वह कैसे उन्हें रिझाती है, क्या देखने वाली बात होगी। पीएम मोदी और अमित शाह सीएम कैंडिडेट बदलते हैं या किसी बड़े जाट नेता को पाटी में शामिल कराते हैं या पार्टी के ही किसी जाट नेता को कमान सौंपते हैं।

हरियाणा में 2014 विधानसभा चुनाव में बीजेपी पहली बार अपने दम पर सरकार बनाने में कामयाब रही। हरियाणा की कुल 90 विधानसभा सीटों में 36 से 40 सीटों पर डेरा समर्थकों का प्रभाव है। यही कारण रहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने डेरा प्रमुख राम रहीम से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद गुरमीत राम रहीम ने मतदान से ठीक चार दिन पहले बीजेपी को समर्थन का ऐलान किया। चुनाव बाद बीजेपी को हरियाणा में 48 सीटों पर विजय प्राप्त हुई। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि डेरा सच्चा सौदा की बीजेपी सरकार बनवाने में कितनी अहम भूमिका रही।
बाबा राम रहीम का हरियाणा के नौ जिलों की सीटों पर जबरदस्त प्रभाव है। हरियाणा में उनके 20 से 25 लाख अनुयायी बताए जाते हैं। इस बार के चुनाव में बीजेपी ने डेरा का समर्थन होने से उचाना कलां, टोहाना, अंबाला सिटी, हिसार, नारनौंद, बवानी खेड़ा, भिवानी, शाहबाद, थानेसर, लाडवा, मौलाना और पेहवा सीटों पर जीत दर्ज की थी। इससे पहले के विधानसभा चुनाव में बीजेपी इनमें से सिर्फ भिवानी सीट पर ही जीत हासिल कर सकी थी।