Wednesday, October 11, 2017

दो ऐसे नटवरलाल, जिसने ऑनलाइन कंपनी को ही चूना लगा दिया

आपमें से कई ऐसे लोग होंगे जो ऑनलाइन ठगी का शिकार कभी न कभी हुए होंगे, लेकिन आज जो मामला सामने आया है, उसमें युवक ने ऑनलाइन सामान बेचने वाली कंपनी को ही चूना लगा दिया।
दरअसल दिल्ली पुलिस ने दो ऐसे अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिसने 166 मोबाइल फोन्स की 'चोरी' कर ऐमजॉन को चूना लगा दिया। उत्तर पश्चिमी दिल्ली के त्रिनगर इलाके से गिरफ्तार हुए दोनों युवकों पर ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी ऐमजॉन के साथ लाखों रुपयों की धोखाधड़ी का आरोप है।

पकड़े गए दोनों युवकों में से मुख्य आरोपी का नाम शिवम बताया जा रहा है, जिसके पास से 166 महंगे मोबाइल फोन, 150 सिम कार्ड और कुछ निवेश के दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। आरोपी शिवम की उम्र 21 साल बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार उसने दिल्ली में ऐमजॉन स्टोर से 166 मोबाइल फोन खरीदे और खाली डिब्बा पहुंचने की शिकायत कर रिफंड लेता रहा। पुलिस ने बताया कि इस साल अप्रैल से मई के बीच उसने 50 लाख रुपये की ठगी की है। जब ऐमजॉन को मामले में शक हुआ तो पुलिस में शिकायत की गई, जिसके बाद जांच में यह खुलासा हुआ।

तो वहीं आरोपी शिवम चोपड़ा ने दिल्ली के एक इंस्टीट्यूट से होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की है और उसने कई बार नौकरी बदली लेकिन संतुष्ट नहीं मिली, जिसके बाद मार्च महीने में मोबाइल खरीदकर रिफंड से जुड़ा एक प्लान बनाया और एक-दो बार रिफंड मिल जाने के बाद उसने कई फोन मंगाकर रिफंड हासिल किया और इसे ही अपना धंधा बना लिया।

Monday, October 9, 2017

इंटरनेट के खतरों से बचाता है वीपीएन, जानें कैसे


दफ्तरों, पार्क, रेस्टोरेंट और होटल में मुफ्त वाई फाई सेवा दी जाती है मगर क्या आप इस बात से निश्चिंत रहते हैं कि वह सेवादाता आपकी इंटरनेट ब्राउजिंग हिस्ट्री का गलत इस्तेमाल नहीं करता होगा। सरकारी क्षेत्रों की बात छोड़ दें तो कुछ लोग निजी स्थानों पर मिलने वाले मुफ्त इंटरनेट का इस्तेमाल करने से परहेज करते हैं। ऐसे लोग वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का इस्तेमाल कर किसी भी फर्जीवाड़े से बच सकते हैं।
इसके बारे में बता रहे हैं अंकित कुमार ।

इंटरनेट की दुनिया जितनी सुगम है, यहां उतने ही खतरे यानी हैकर्स मौजूद हैं जो निजी जानकारी पर नजर गड़ाए रहते हैं। यहां तक कि बैंक जानकारी पर भी ताकि वह आपके बैंक खाते पर सेंध लगा सकें। वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) एक ऐसी नेटवर्क तकनीक है जो सार्वजनिक क्षेत्र पर मिलने वाले इंटरनेट को सुरक्षित बनाने का काम करती है। वीपीएन का इस्तेमाल ऑनलाइन काम करने वाले व्यापारी, संस्था, सरकारी एजेंसी, शिक्षा संस्था और निगम करते हैं। इससे वह अपने अतिसंवेदनशील डाटा को गैर रजिस्टर्ड यूजर से बचाकर रखते हैं। इसका इस्तेमाल आम लोग भी कर सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ, वीपीएन का इस्तेमाल कई लोग प्रतिबंधित वेबसाइट को भी खोलने के लिए करते हैं। इसी वजह से हाल ही में रूस ने वीपीएन को अपने यहां प्रतिबंधित कर दिया है क्योंकि वह रूस में प्रतिबंधित वेबसाइटों को खोलने में मदद करता था।
बड़ी संस्था या कारोबारी काफी पैसे देकर वीपीएन सेवा का इस्तेमाल करते हैं मगर आम यूजर इसका इस्तेमाल मुफ्त में कर सकते हैं। मुफ्त वीपीएन की एक खामी यह होती है कि उसकी सेवा की एक सीमा होती है। जबकि पैसे चुका कर इस्तेमाल करने वाले वीपीएन में ढेरों तरह के फीचर होते हैं। मुफ्त वीपीएन में ढेरों तरह के विज्ञापन की भरमार होती है, जिससे मुफ्त सेवा देने वाला सर्विस प्रोवाइडर अपने नुकसान की भरपाई करते हैं।

अधिकतर यूजर सार्वजनिक स्थानों पर मिलने वाले मुफ्त इंटरनेट का इस्तेमाल फोन में ही करते हैं। इसके लिए यूजर वीपीएन की सेवा देने वाले एप्लीकेशन अपने फोन में इंस्टॉल कर सकते हैं। इस तरह के कई एप गूगल के प्ले स्टोर पर उपलब्ध हैं। कुछ एप्लीकेशन तो ऐसे हैं जिनके लिए लॉगइन करने की भी जरूरत नहीं होती।

यूं तो कंप्यूटर में वीपीएन का इस्तेमाल करने के लिए कुछ मैनुअली बदलाव करने की जरूरत पड़ती है। इसके लिए यूजर को एक आईपी एड्रेस और यूजर नेम और पासवर्ड की जरूरत होगी जो यूजर को इंटरनेट पर मुफ्त में मिल जाएगा और इसे खरीदा भी जा सकता है। इसके अलावा यूजर ओपेरा कंपनी की वीपीएन भी इस्तेमाल कर सकते हैं जो एक सुरक्षित वीपीएन बताया जाता है। ओपेरा वीपीएन चलाने के लिए आपको सबसे पहले ओपेरा डेवलपर सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करना होगा। ओपेरा की यह सेवा एकदम
मुफ्त है।

Sunday, October 8, 2017

यहां देखिए कैसा है विकास: अमित शाह के बेटे का 16 हज़ार गुना विकास हुआ!

केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी की सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के साथ-साथ पार्टी के लगभग सभी नेताओं ने देश के विकास के संबंध में बड़े-बड़े वादे किए, जिसस पर आगे बढ़ते हुए सरकार दिन प्रति दिन नए आयाम छूने की दावे भी करती है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से कुछ ऐसी जानकारी सामने आ रही है, जिससे आप समझ सकते है कि सही मायने में विकास क्या होता है।

दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स में रजिस्ट्रार ऑफ कम्पनीज यानी ROC के हवाले से बताया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने और अमित शाह के बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद अमित शाह के बेटे जय अमितभाई शाह के स्वामित्व वाली कंपनी का कारोबार तेजी से आगे बढ़ रहा है। आकड़ों के अनुसार तब से अब तक जय अमितभाई शाह की कारोबार में 16 हज़ार गुना विकास हुआ है।
बता दें कि इस रिपोर्ट को लेकर दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी मोदी सरकार और बीजेपी पर हमला करते हुए ट्वीट किया है कि “अमित शाह के बेटे जय शाह की कम्पनी का 16 हज़ार गुना विकास हुआ, भारत माता की जय NO Question PLZ”।

दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कहा जा रहा है कि कंपनी बैलेंस शीट और आरओसी से प्राप्त वार्षिक रिपोर्ट से पता चलता है कि मार्च 2013 और 2014 के समाप्त होने वाले वित्तीय वर्षों में, शाह की मंदिर एंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड ने क्रमशः 6,230 रुपये और 1,724 रुपये की हानि की है। जबकि 2014-15 में, 2015-16 में 80.5 करोड़ रुपये के टर्नओवर में कूदने से पहले ही 50,000 रुपये के राजस्व पर 18,728 रुपये का लाभ हुआ।

बताया जा रहा है कि मंदिर एंटरप्राइज की आमदनी में आश्चर्यजनक वृद्धि उस समय हुई जब फर्म को राजेश खांडवाला की एक वित्तीय सेवा फर्म से 15.78 करोड़ रुपये का असुरक्षित ऋण मिला था, जो एक राज्यसभा सांसद और रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के शीर्ष कार्यकारी समीर नथवानी है।

रामदेव, अन्ना और श्री श्री पर अटलजी की भतीजी का संगीन आरोप..

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अन्ना हजारे, बाबा रामदेव और श्री श्री रविशंकर पर भाजपा और संघ का एजेंट होने का आरोप लगाया है। गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए करुणा कांग्रेस नेता और अटल जी की भतीजी करुणा शुक्ला ने कहा कि देश के जिन भी राज्यों में भाजपा की सरकार है वहां हालत काफी खराब है। आने वाले समय में भाजपा को किसी भी चुनाव में जीत हासिल नहीं होगी। इन राज्यों में अपनी स्थिति को भांपने के बाद ही भाजपा ने इन रामदेव, अन्ना हजारे और श्री श्री को भेजना शुरू कर दिया है।

अन्ना खुद का मूल्यांकन करें

संघ पर बड़ा हमला बोलते हुए करुणा ने कहा कि गांधी टोपी पहनकर गांधी के हत्यारों का साथ देने वाले अन्ना हजारे खुद का मूल्यांकन करें, वह आखिर तब ही भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन क्यों करते हैं जब यूपीए की सरकार सत्ता में होती है, जब भी भाजपा की सरकार आती है तो वह चुप्पी साध लेते हैं और उपदेश देने लगते हैं, वह कहते हैं कि जनता खुद से आंदोलन करेगी।
आरएसएस के एजेंट हैं ये लोग
लोकपाल बिल के बारे में करुणा ने कहा कि यूपीए सरकार को हटाने के लिए ही इसके लिए आंदोलन शुरू किया गया था। इसीलिए उस वक्त दिग्विजय सिंह ने कहा था कि यह आरएसएस का षड़यंत्र है, लेकिन उस वक्त किसी ने भी इस बात को स्वीकार नहीं किया था। जबकि बाद में खुद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इस बात को स्वीकार किया था कि अन्ना व बाबा रामदेव के इस आंदोलन को आरएसएस का समर्थन प्राप्त था। यही नहीं धरनास्थल पर आरएसएस के लोग मौजूद थे।

आप पर भी उठाया सवाल

आम आदमी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए करुणा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी भी उन्हीं राज्यों में चुनाव लड़ने उतरती हैं जहां भाजपा कमजोर है, ऐसे में ये लोग भाजपा को ही लाभ पहुंचा रहे हैं। यही नहीं विवेकानंद फाउंडेशन पर भी सवाल खड़ा करते हुए करुणा ने कहा कि विवेकानंद फाउंडेशन आरएसएस के विवेकानंद केंद्र के द्वारा ही गठित किया गया है, जिसमें आरएसएस के कई आला नेता सक्रिय हैं।


Karuna Shukla says Baba Ramdev, Anna Hazare and Ravishankar are RSS agent |

Saturday, October 7, 2017

कुछ हफ्तों में बंद हो जाएंगे इस मोबाइल कंपनी के नंबर? सरकार की दी गई जानकारी..

वर्तमान में टाटा टेलिसर्विसेज के कुल 4.5 करोड़ सबस्क्राइबर्स हैं। भारतीय टेलीकॉम मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी 4 फीसदी की है।

  
कुछ हफ्तों में बंद हो जाएंगे इस मोबाइल कंपनी के नंबर? सरकार की दी गई जानकारी
देश की दिग्गज कारोबारी समूह टाटा अपने टेलिकॉम बिजनेस को समेटने की तैयारी कर रही है। टाटा समूह ने शनिवार को अधिकारिक तौर पर ट्वीट करके भारत सरकार/ डीओटी को सूचित किया है कि वह टाटा टेलीसर्विसेज (टाटा डोकोमो) को बंद करने जा रही है। कंपनी ने बताया है कि टेलिकॉम सर्विसेज को बंद करने की तैयारी शुरु हो चुकी है। संभव है कि अगले हफ्ते में वह टाटा डोकोमो की स्थायी सेवा बंद कर दे। वहीं कंपनी सूत्रों की माने तो टाटा समूह की टेलीकॉम सर्विसेज यूनिट लंबे समय से घाटे में चल रही है। इस यूनिट को बेचने में असफल रहने के बाद चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन अब इस कारोबार को समेटने पर ही विचार कर रहे हैं।

टाटा टेलिसर्विसेज समूह की पहली ऐसी कंपनी होगी, जो 149 सालों के इतिहास में बंद होगी। यदि यह टेलिकॉम कंपनी बंद होती है तो टाटा समूह की बैलेंस शीट पर गहरा असर पड़ेगा। समूह की इस कंपनी पर 34,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। यही नहीं कंपनी को कर्ज देने वाली संस्थाएं भी अब रकम वसूली के लिए दबाव बना रहे हैं। संभवत: यह पहला मौका है, जब टाटा समूह की कोई कंपनी इस तरह के संकट में फंसी है।


वर्तमान में टाटा टेलिसर्विसेज के कुल 4.5 करोड़ सबस्क्राइबर्स हैं। भारतीय टेलीकॉम मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी 4 फीसदी की है। हालांकि कंपनी यदि अपने टेलिकॉम स्पेक्ट्रम को बेचती है तो उसे अपने कर्ज को घटाने में कुछ मदद मिलेगी। बता दें कि हाल ही में कंपनी की भारती एयरटेल और रिलायंस जियो से बातचीत चल रही थी, लेकिन आखिर में कोई नतीजा नहीं निकला। कंपनी के जापानी साझेदार डोकोमो की ओर से हाथ खींचे जाने के बाद से विकल्पों पर विचार चल रहा है। डोकोमो की टाटा टेलिसर्विसेज में 26 फीसदी की हिस्सेदारी थी। हालांकि, कंपनी ने ट्वीट में साफ किया है कि डोकोमो के बंद होने में उसके सबस्क्राइबर्स को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होगी। उनको सेवा मिलता रहेगा।